बिहार के सिवान की एक खबर सुनकर आपके पैरों के नीचे की जमीन खिसक जाएगी?
सोचोगे क्या अब भारत से ब्राह्मणों का नामो निशान ही मिटा दिया जाएगा।
जन्माष्टमी के दिन लकी तिवारी फल और मिठाई लेने से लिए बाजार निकले तभी एसआई विनोद सिंह ने घेर कर नाले में गिरा कर दोनों पैरों में गोली मार कर एनकाउंटर कर दिया?
जबकि लकी तिवारी के नाम पर आज तक एक भी मुकदमा पंजीकृत नहीं है…
फर्जी किसी घटना का निराकरण करने के लिए लकी तिवारी को मोहरा बनाकर एनकाउंटर करके गिरफ्तार कर लिया?
क्योंकि…
ब्राह्मणों को देखकर ही उनका एनकाउंटर कर दिया जाता है, फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया जाता है।
भारत में ब्राह्मण असुरक्षित है, संवैधानिक रूप से, राजनैतिक रूप से, प्रशासनिक रूप से, सामाजिक रूप से, कोई भी ब्राह्मणों के पक्ष में बोलने के लिए तैयार नहीं है, न उनके नेता, न उसके ब्यूरो क्रेट, न उनके समाज के वकील, न पत्रकार?
यहां तक कि समाज भी मुर्दा हो चुका है जो अपने समाज के लिए आवाज नहीं उठा सकता, एक नहीं हो सकता?
हमारा सही ब्राह्मण समाज रात दिन पार्टियों की गुलामी करता, नेताओं की जय करता, हिंदुत्व जिंदाबाद करता, सवर्ण एकता पर बोलता मजाल है अपने समाज के किसी पीड़ित ब्राह्मण की आवाज उठाने में मदद करे, उसे न्याय दिलाना के लिए एक मंच पर आकर लामबंद हो?


