महाकालेश्वर मंदिर परिसर में एक ऐसा मंदिर स्थित है जिसके दर्शन मात्र साल में एक बार किए जाते हैं अर्थात केवल नागपंचमी के दिन ही पट खुलता है नाग चंदेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तीसरे खंड पर स्थित है । यह अत्यंत ही प्राचीन एवं अद्भुत मंदिर है इसमें भगवान शिव, माता गौरा , भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय, नंदी, सिंह अर्थात भगवान शिव पूर्ण रूप से परिवार के साथ विराजमान है इस दिव्य प्रतिमा की दिव्यता आप दर्शन करने के बाद ही समझ पाएंगे यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बनाया गया और मूर्ति भी कई शताब्दी प्राचीन और दिव्य है चंदेश्वर महादेव के छत्र के रूप में नाग स्थित है जो फन फैलाए हुए हैं बताया जाता है कि इस मूर्ति को नेपाल से लाकर यहां स्थापित किया गया और इस ब्रह्मांड में इस तरह की दूसरी कोई प्रतिमा नहीं है । केवल नाग पंचमी के दिन ही नाग चंदेश्वर मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले जाते हैं । और जहां भगवान की उपासना भक्तों के द्वारा की जाती है और इसके बाद इसके पट एक साल के लिए बंद कर दिए जाते हैं ।





