पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लक्ष्मी पूजा पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर धन की देवी लक्ष्मी से भला होता, लक्ष्मी देवी से धन नहीं प्राप्त होता है होना जाने क्यों उनकी उपासना लोग करते हैं जब देश को 5 से 10 किलो चावल में अपनी जिंदगी जीते है जब लोगो को ऐसे जिंदगी ना बितानी पड़े तब माने की लक्ष्मी प्रसन्न है यदि ऐसा है तो इस माता लक्ष्मी के देश में उनकी पूजा की क्या आवश्यकता जिसमें 80 करोड लोगों को 5 से 10 किलो अनाज की आवश्यकता पड़ती है उन्होंने ‘बाहरवाली लक्ष्मी’ की तुलना घर की गृहणी से की। मौर्य के इस बयान पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी राजू दास ने कड़ी नाराजगी जताई। राजू दास ने मौर्य को “दुर्भाग्यपूर्ण बयान देने वाला” बताया और कहा कि उनकी मानसिकता “आतंकी” है।


