ऑपरेशन महादेव: भारतीय सेना का तगड़ा पलटवार, पहलगाम में 26 मासूमों की हत्या करने वाले आतंकी सुलेमान और यासिर ढेर!
तीन महीने पहले जो आतंक मचाया था, अब उसका अंजाम भुगत लिया!
भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारे मासूमों की जान की कीमत चुकानी पड़ती है! 26 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले का बदला अब पूरा हो गया है। ऑपरेशन ‘महादेव’ के तहत सेना ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया है। मारे गए आतंकियों में सुलेमान और यासिर वही हैं, जो 26 मासूमों की जान लेने वाले हमले में शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, तीनों आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उनके पास से यूएस-बेस्ड कर्बाइन, एके-47, 17 राइफल ग्रेनेड और दूसरी घातक चीजें मिली हैं। अब इस हमले में शामिल केवल एक आतंकी बचा है, जिसकी तलाश जारी है।
🔥 ऑपरेशन ‘महादेव’ से मचा आतंकियों में हड़कंप
ये जबरदस्त कामयाबी सेना को ऑपरेशन महादेव के तहत मिली है। श्रीनगर में सुरक्षाबलों को खबर मिली थी कि कुछ आतंकी महादेव पहाड़ी इलाके के पास दाचीगाम में छिपे हुए हैं। इसी सूचना के बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया।
इसी दौरान तीन आतंकियों को घेरकर मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। सेना ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि “मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए हैं, ऑपरेशन अब भी जारी है।”
सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का ये जॉइंट ऑपरेशन था। खास बात ये है कि मुठभेड़ एक ऐसी पहाड़ी पर हुई, जहां सिर्फ पैदल चलकर ही पहुंचा जा सकता है। यहीं आतंकियों ने टेंट लगा रखे थे और मूसा नाम के आतंकी की मूवमेंट की भी जानकारी मिली थी।
😡 26 अप्रैल का खौफनाक मंजर – 26 मासूमों की बेरहमी से हत्या
इस साल 26 अप्रैल को कश्मीर की खूबसूरत बैसरन घाटी में सैलानी और स्थानीय लोग वादियों का मजा ले रहे थे। तभी कुछ नकाबपोश आए और लोगों का धर्म पूछ-पूछकर गोली मार दी। इस हमले में खासतौर पर पुरुषों को निशाना बनाया गया। कई फैमिली वहां मौजूद थीं और उन्होंने बताया कि कैसे किसी का पति, किसी का पिता और किसी का बेटा उनकी आंखों के सामने मार दिया गया।
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी।
💥 भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर में उड़ा दिए पाक के आतंकी ठिकाने
हमले के बाद भारत ने भी चुप बैठना गवारा नहीं किया। 6-7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया, जिसमें पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की।
दोनों देशों के बीच 3-4 दिन तक रुक-रुककर हमले हुए, जिनमें पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ। आखिरकार 10 मई को सीजफायर पर सहमति बनी।
✅ अब क्या बचा है?
सेना ने पहलगाम हमले में शामिल ज्यादातर आतंकियों को ठिकाने लगा दिया है। अब सिर्फ एक बचा है, और उसके भी दिन अब गिने-चुने लग रहे हैं।
भारत ने साफ कर दिया है—जो मासूमों को मारोगे, वो कहीं भी छिपो, पकड़कर मार दिए जाओगे।
📌 देश की सुरक्षा में जुटे जवानों को सलाम! ऑपरेशन महादेव जैसी कार्रवाइयों से ही देश के दुश्मनों को सही जवाब मिलता है।


