ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले को लेकर पाकिस्तान में गहरी चिंता देखी जा रही है। जैसे-जैसे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ रही है, वैसे-वैसे पाकिस्तान के माथे पर पसीना है। पाकिस्तान को डर है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ या हालात बेकाबू हुए, तो उसके असर से पाकिस्तान के भीतर भी अस्थिरता फैल सकती है।
खासतौर पर पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत इस चिंता की सबसे बड़ी वजह है। यह इलाका ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत से सटा हुआ है, जहां दशकों से अलगाव और आज़ादी की मांग उठती रही है। ऐसे में ईरान में किसी बड़े राजनीतिक या सैन्य उलटफेर का सीधा असर सीमा पार पाकिस्तान के बलूचिस्तान पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान में अमेरिकी हमले के बाद हालात और बिगड़ते हैं, तो पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोही गुट और ज्यादा सक्रिय हो सकते हैं। पाकिस्तान में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में गंभीर चर्चा चल रही है।
डिप्लोमैट्स का साफ कहना है कि ईरान में शासन का गिरना पाकिस्तान के लिए भारी संकट और अस्थिरता ला सकता है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता पर सीधा खतरा पैदा हो सकता है।



